Car Seat Belt Rule in India : देश के बड़े उद्योगपति साइरस मिस्त्री का 4 सितंबर 2022 को कार दुर्घटना के दौरान निधन हो गया। वहीं शुरुआती जांच में पुलिस का कहना है कि उनके मौत की वजह तेज रफ्तार और सीट बेल्ट का इस्तेमाल ना करना है। ऐसे में आइए आज हम आपको बताएं की सीट बेल्ट लगाना क्यों जरूरी है? क्या है सीट बेल्ट से जुड़े नियम और कानून? अगर सीट बेल्ट ना लगाई तो क्या है सजा का प्रावधान? सीट बेल्ट ना लगाने पर कितने का लगता है चालान…?
पीछे बैठे यात्रियों के लिए भी है सीट बेल्ट लगाना
केंद्रीय मोटर वाहन नियमों की धारा 138 (3) के मद्देनजर कार में पीछे बैठे व्यक्ति के लिए भी सीट बेल्ट लगाना जरूरी है। ऐसा ना करने पर ₹1000 का चालान लगता है। अक्सर यह देखा गया है कि पीछे बैठे शख्स जागरूकता की कमी के चलते सीट बेल्ट नहीं लगाते हैं। उन लोगों को गलतफहमी होती है कि किसी भी दुर्घटना के दौरान आगे बैठे यात्रियों की तुलना में उन्हें कम चोट लगेगी। वह पीछे बैठे हैं इसलिए अधिक सुरक्षित है। हालांकि तमाम क्रैश टेस्ट में यह दावा किया गया है कि रियल सीट बेल्ट पहनना उतना ही जरूरी है, जितना कि आगे बैठे शख्स के लिए सीट बेल्ट पहनना जरूरी होता है। यानी आगे सीट पर बैठे हुए लोगों को जितना खतरा होता है, उतना ही पीछे बैठे व्यक्ति को भी होता है।
बिना सीट बेल्ट ड्राइविंग करना है अपराध
केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के मुताबिक बिना सीट बेल्ट ड्राइविंग करना एक दंडनीय अपराध है। इसके साथ ही यह सीट बेल्ट दुर्घटना के दौरान आपकी जान भी बचाती है। मोटर वाहन अधिनियम 138 (3), सीएमवीआर 177 एमवी एक्ट में सीट बेल्ट ना लगाने पर जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है।
सीट बेल्ट करती है आपकी जान की सेफ्टी
वहीं इस मामले पर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की गई एक रिसर्च में बताया गया है कि पीछे सीट बेल्ट का उपयोग करने से मारे जाने या घायल होने की संभावना क्रमशः 25% से 75% तक कम हो जाती है। देश भर में हर साल होने वाली 5 लाख दुर्घटनाओं में 1.5 लाख लोगों की मौत सीट बेल्ट ना लगाने के वजह से होती है। दुर्घटना की स्थिति में पीछे सीट बेल्ट के बिना बैठे यात्री को आगे की सीट से टकराने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। सीट बेल्ट ना लगाने से हेड्रेस्ट सिर में आने वाली चोट के कारण या फिर रीड के हड्डी टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है।
सीट बेल्ट पर WHO की राय
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा साझा रिपोर्ट में बताया गया है कि कार दुर्घटना के दौरान अगर पीछे बैठे व्यक्ति ने सीट बेल्ट ना लगाई हो, तो अक्सर देखा गया है कि मस्तिष्क को ऑक्सीजन की पूरी मात्रा दुर्घटना के दौरान नहीं मिलती, जो मौत की वजह बनती है। ऐसे में यह जरूरी है कि पीछे बैठा शख्स सीट बेल्ट जरूर लगाएं।
बता दें कि भारत सरकार द्वारा इसी साल फरवरी में गाड़ी में बैठने वाले सभी यात्रियों के लिए 3 पॉइंट सीट बेल्ट मुहैया कराना अनिवार्य कर दिया गया था। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस मामले में बकायदा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा भी की थी। गौरतलब है कि 3 पॉइंट सीट बेल्ट वैज्ञानिक रूप से 2 पॉइंट बेल्ट की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित साबित हुई है, क्योंकि यह टक्कर के समय छाती, कंधे, शरीर की ऊर्जा को समान रूप से फैलाता है, जिसके चलते एक्सीडेंट के दौरान कम छोटे आने की संभावना होती है।