बिहार पुलिस (Bihar Police) में कांस्टेबल से लेकर दरोगा तक ट्रांसजेंडर्स की भी नियुक्ति की जाएगी। दरअसल सामान्य प्रशासन विभाग ने इस मामले में एक संकल्प पत्र जारी किया है, जिसके मुताबिक किन्नरों, ट्रांसजेंडरों की बिहार पुलिस में सीधी नियुक्ति (Bihar Police Transgender Recruitment) का रास्ता अब साफ हो गया है। इस कड़ी में अब बिहार पुलिस (Bihar Police Recruitment) के लिए निकलने वाली सिपाही और दरोगा की परीक्षा में किन्नर यानी ट्रांसजेंडर भी बैठ सकेंगे। ऐसे में परीक्षा पास करने वाले किन्नरों के हाथ में ही थाने की कमान होगी।
ट्रांसजेंडर्स के लिए बिहार पुलिस नियुक्ति का रास्ता साफ
गौरतलब है कि सामान्य प्रशासन विभाग के इस संकल्प पत्र में जारी की गई घोषणा का फैसला मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान किया गया। इस बैठक में गृह सचिव सेंथिल कुमार सहित सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद और अपर सचिव महेंद्र कुमार भी शामिल थे। इस बैठक में लिए गए फैसले और संकल्प पत्र के मुताबिक किन्नरों, ट्रांसजेंडर को बिहार पुलिस में निकलने वाली सिपाही और दरोगा की भर्ती में हर 500 पद पर एक ट्रांसजेंडर की भर्ती की जाएगी। इस संकल्प पत्र के मुताबिक ट्रांसजेंडर को पिछड़ा वर्ग अनुसूचित के तहत शामिल किया जाएगा।
मालूम हो कि नियुक्ति के दौरान अगर योग्य ट्रांसजेंडर नहीं मिलता है, तो इस कोटे में पिछड़ा वर्ग के सामान्य उम्मीदवार की नियुक्ति की जाएगी। बिहार पुलिस की आगामी होने वाली नियुक्ति प्रक्रिया में बिहार के 51 किन्नरों की सीधी भर्ती की जा सकती है, जिसमें बिहार पुलिस में सिपाहियों के लिए 31 पद और दरोगा के लिए 10 पद पर ट्रांसजेंडर्स की नियुक्ति होगी।
बता दे बिहार पुलिस में भर्ती के लिए अभ्यार्थी के पास ट्रांसजेंडर होने का प्रमाण पत्र होना भी जरूरी है। साथ ही अभ्यार्थी का बिहार का मूल निवासी होना भी आवश्यक है। इसके लिए उसे आवासीय प्रमाण पत्र दिखाना होगा। सभी अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता और परीक्षा का मापदंड महिला अभ्यर्थियों के समान ही किया जाएगा। याद दिला दे साल 2001 की गणना के मुताबिक बिहार में मौजूद ट्रांसजेंडर की संख्या कुल जनसंख्या के मुताबिक 41000 के आसपास है।