बदलते बिहार (Growing Bihar) की तस्वीर में अब बिहार पुलिस (Bihar Police) का नाम भी शामिल होने वाला है। दरअसल बिहार पुलिस अब आधुनिक बनने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। इस कड़ी में बिहार पुलिस मुख्यालय (bihar Police Headquarters) ने राज्य के सभी थानों में होने वाले सामान्य खर्च को लेकर श्रेणी के आधार पर राशि आवंटित करने का फैसला किया है। इस कड़ी में थानों को A, B और C तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा, जिसके मद्देनजर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
अकाउंट में सालाना खर्च देगी सरकार
इस मामले पर बिहार एडीजी पुलिस मुख्यालय जितेंद्र सिंह गंगवार (IPS Jitendra Singh Gangwar) का कहना है कि- राज्य के थानों को सक्षम और छोटे-मोटे खर्च के लिए आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह एक पहल है। इसका उद्देश्य थानों के होने वाले सामान्य खर्च के लिए उन्हें राशि आवंटित करना है।
इसके तहत राज्य के सभी थानों को एक-एक खाता खोल कर दिया जाएगा, जिसमें उनके सालाना खर्चे के लिए एक खाता पैरंट चाइल्ड अकाउंट के तर्ज पर खोला जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग खुद बिहार पुलिस मुख्यालय के जरिए की जाएगी। सरकार के इस कदम का एकमात्र उद्देश्य कैदियों को ले जाने से लाने में आने वाले खर्च के साथ, स्टेशनरी ट्यूबलाइट और अन्य छोटे मोटे खर्चे की रकम का ब्यौरा रखना है।
श्रेणी के आधार पर सरकार देगी खर्च
इसके अलावा एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने आगे बताया कि बिहार में कुल 1067 थाने हैं, जिन्हें जल्द ही A, B और C की श्रेणी में बांटा जाएगा। इन्हें श्रेणियों में बांटने के उपरांत ए श्रेणी वाले थाने को 1 लाख, B श्रेणी वाले को 60 हजार और C श्रेणी वाले को 40 हजार रुपये सालाना दिए जाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि सभी थानों में निर्धारित राशि की एक चौथाई राशि हमेशा उनके खातों में मौजूद रखी जाएगी। यह राशि खत्म होने के तुरंत बाद उनके खाते में अगली राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस दिशा में कार्रवाई करते हुए 900 से अधिक स्थानों को बैंक अकाउंट खोलने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
बता दे राज्य के करीबन 400 थानों में खाता खोलने की प्रक्रिया का काम भी पूरा कर लिया गया है, जिनमें राशि भी ट्रांसफर कर दी गई है। वहीं बिहार पुलिस मुख्यालय ने निजी बैंक एचडीएफसी के साथ इस मामले में बैठक कर पूरी योजना पहले तैयार करने के बाद यह निर्देश दिए थे। 15 दिन के भीतर बाकी थानों के खाते भी खोल कर उनमें राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।