बिहार:अब प्रखंड के ई-किसान भवन मे कृषि सम्बंधित सभी काम होंगे, किसानों के लिए रात में ठहरने का भी है इंतजाम

Written by: Manish Kumar | biharivoice.com • 10 सितम्बर 2021, 7:58 अपराह्न

बिहार के सभी प्रखंडों में कृषि संबंधी सभी काम अब ई-किसान भवन में एकल खिड़की पर किया जाएगा। कृषि विभाग की तरफ से इस व्यवस्था को ज़मीन पर उतारे जाने की तैयारी तेज कर दी गई है। राज्य के 534 में से 455 प्रखंडों में ई-किसान भवन का निर्माण किया जा चुका है। कृषि विभाग की तरफ से इसके संचालन की प्रक्रिया तय की जा चुकी है। शीघ्र ही एकल खिड़की से किसानों को सारी सुविधाएं प्राप्त होने लगेगी। लेकिन अभी भी लग्भग 80 प्रखंडों में यह भवन बनन बनाये जाने का काम बाकी है। ई-किसान भवन योजना का मुख्य मकसद किसानों को सारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मुहैया कराना है।

किसानों के लिए रात में ठहरने का भी है इंतजाम

किसान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपने उत्पाद की कीमत जानने का काम हो या मिट्टी की जांच कराने का काम, प्रखंड के आलाधिकारियों के पास किसी योजना के अनुदान के लिए आवेदन जमा करना हो या किसी विज्ञानी से खेती की सलाह लेनी हो, सभी तरह की सुविधाएं ई-किसान भवन में एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इतना ही राज्य सरकार ने रात्रि के समय किसानों के ठहरने के लिए डारमेट्री की भी व्यवस्था की है। सभी किसान भवन को कंप्यूटर और वाईफाई की सुविधा से लैस किया जाएगा। भवनों में मिट्टी जांच के लुए प्रयोगशाला भी बनाया गया है। कृषि निदेशालय की तरफ से ई-किसान भवनों के संचालन व रख-रखाव को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं।

प्रखंड कृषि अधिकारी को ई- कृषि भवनों के प्रभारी बनाया गया है। फर्नीचर की खरीद के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (शस्य) की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। तो वहीं परिचालन और प्रबंधन के लिए सभी जिलों में जिला कृषि अधिकारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। ई-किसान भवन के रख-रखाव पर हर महीने 15 हजार रुपये खर्च किए जाने की बात कही गई है।ई-किसान भवन के पहले तल पर प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा, जिसे किराये पर भी दिया जा सकता है। सरकारी और अर्धसरकारी संस्थाओं को हर प्रशिक्षण सत्र के लिए पांच सौ रुपये और गैर-सरकारी संस्थाओं को एक हजार रुपये का भुगतान करना होगा। भूतल पर आगंतुक कक्ष के तथा किसान सूचना व सलाहकार केंद्र मिट्टी जांच प्रयोगशाला बनाया जाएगा। पौधा संरक्षण केंद्र और किसान सलाहकार व कृषि समन्वयकों का कार्यालय भी इसी तल में बनाया जाएगा।

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Manish Kumar

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