उत्तर बिहार का लाइफलाइन महात्मा गांधी सेतु (Mahatma Gandhi Setu) का पूर्वी लेन पुनर्निर्माण के पश्चात गाड़ियों के परिचालन शुरू होने से पूर्व टेक्निकल ट्रेड में सफल हो गया है। तकनीकी दलों के मानकों की जांच के पश्चात पुल पर सभी तरह के भारी गाड़ियों के आवागमन की परमिशन दे दी है। नवनिर्मित गांधी सेतु (New Mahatma Gandhi Setu) के पूर्वी लेन (East Lane) का उद्घाटन (Mahatma Gandhi Setu Inauguration) 7 जून को केंद्र सरकार (Central Government) के राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) करेंगे।
परिचालन और उद्घाटन होने से पहले पुल को पूरी तरह से सजाया जा रहा है। अगले महीने से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ती नजर आएगी। पूर्वी लेने पर बाइक, साइकिल और पैदल चलने वाले लोगों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है, जिससे लोगों की जान की समस्या से निजात मिलेगा।
महात्मा गांधी सेतू पर जल्द शुरू होगा परिचालन
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गाड़ियों के परिचालन शुरू होने से पहले गांधी सेतु के मजबूती के अलग-अलग पहलुओं को जांचने के लिए तकनीकी दल की टीम ने जांच की है। सेतु पर 25-25 टन वाले भारी 18 ट्रकों को अलग-अलग हिस्सों में 36 घंटे तक रखा गया। इसके बाद गाड़ी परिचालन को मंजूरी दी गई। 5.57 किलोमीटर पूर्व लेन को बारीकी से जांच की गई। ताकि कोई तकनीकी गलतियां रहने पर उसे तत्काल रुप से ठीक किया जा सके। अलग-अलग तरह के तकनीकी मानकों पर बिल्कुल खड़े उतरने के पश्चात सेतु की मजबूती पर स्वीकृति दी गई है। अब जोरो सुरेश उद्घाटन की तैयारी चल रही है।
बता दें कि दो दशक के लंबे समय के बाद बिहार की लाइफ लाइन महात्मा गांधी सेतु के दोनों लेन पर गाड़ियों दौड़ेगी। इन दिनों पुल के पेंटिंग और सजावट का काम अंतिम दौर में चल रहा है। मालूम हो कि गांधी सेतु की स्थिति जर्जर हो जाने के बाद निर्माण एजेंसी को नवंबर 2016 में इसे सुदृढ़ करने का आदेश मिला था। पूर्वी और पश्चिमी लैंड दोनों को 42 महीने के अंदर चालू कर देना था। लेकिन अब ढाई साल की विलंबता के बाद गांधी सेतु पर मालवाहक गाड़ियों के साथ सभी तरह के वाहनों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड के साथ फर्राटा भरेगी। विभाग के सूत्र ने बताया कि आने वाले 4 वर्ष तक पुल का रखरखाव निर्माण एजेंसी करेगी।