बिहार (Bihar) में इसी साल 23 फरवरी से प्रारंभिक स्कूलों के लिए चयनित किए गए अभ्यर्थियों के बीच लगातार नियुक्ति पत्र यानी जॉइनिंग लेटर (Teacher Appointed Latter) दिए जा रहे हैं। बता दे अब तक महज 34000 अभ्यार्थियों को उनके जॉइनिंग लेटर दिए गए हैं। ऐसे में चयनित किए गए 8000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र (Appointed Latter) कई नियोजन इकाइयों में रखते हुए होल्ड पर रख दिए गए हैं। इस फैसले को लेकर कहा गया है कि कई अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट (Document Verification For Appointed Latter) की जांच प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है। प्रखंड नियोजन इकाई में ज्यादातर नियुक्ति पत्र होल्ड किए गए हैं।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के चलते अटकी ज्वॉनिंग
बता दे सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर प्रखंड में भी हिंदी, गणित और विज्ञान के चयनित अभ्यार्थियों को अब तक डीईओ, बीईओ और डीपीओ ऑफिस के चक्कर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के चलते लगाने पड़ रहे हैं। वहीं जिन अभ्यर्थियों को जॉइनिंग लेटर मिल गया है उन्हें मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ कई दिनों से सिविल सर्जन कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे में सिविल सर्जन कार्यालय में इन अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के चलते अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
अभ्यार्थियों की इस परेशानी को लेकर शिक्षक संघ भी नाराज है और टीईटी, एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट के प्रदेश अध्यक्ष मार्कंडेय पाठक और प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पांडे ने यह साफ कर दिया था कि 23 फरवरी को जिन अभ्यर्थियों को जॉइनिंग लेटर दिए गए नवनियुक्त शिक्षकों को योगदान करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और यह प्रक्रिया सही नहीं है।
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि नवनियुक्त शिक्षकों के प्रधानाध्यापकों को विद्यालय में योगदान कराने व पूर्व नियोजन इकाई के सचिव से नियुक्ति पत्र को वेरीफाइड करवाना पड़ता है, जबकि नियोजन इकाई के सचिव प्रधानाध्यापक नवनियुक्त शिक्षकों को समय नहीं दे रहे हैं। ऐसे में उनके द्वारा विभिन्न प्रकार के बहाने देकर नियुक्ति पत्र को वेरीफाई नहीं किया जा रहा है।
शिक्षक संघ ने सचिव को लिखा पत्र
उन्होंने कहा कि सचिव की मनमानी के चलते नवनियुक्त शिक्षकों को विद्यालय में योगदान करने में खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। टीईटी, एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता ने भी इस मामले में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र के जरिए कहा- नवनियुक्त शिक्षकों को परेशानी से बचाने के लिए तत्काल प्रभाव से नवनियुक्त शिक्षकों को योगदान कराने की व्यवस्था की जाए, ताकि वह जल्द से जल्द संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के माध्यम से अपने डॉक्यूमेंट लेटर और जॉइनिंग लेटर को वेरीफाइड करा सकें।