हाल ही में निर्वाचित बिहार (Bihar) के पंचायत जनप्रतिनिधियों (Panchayat Representatives) को नीतीश सरकार (Nitish Government) बड़ी जिम्मेदारी देने जा रही है। 15 मई से बिहार की पंचायतों में सोलर लाइट लगाने की योजना का काम आरंभ हो जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों को सरकार की योजनाएं (Government Scheme For Panchayat Representatives) खूब आकर्षित करती रही है। इसका वजह रहा है कि योजना में व्यापक तौर पर भ्रष्टाचार होते रहा है। पंचायत के प्रतिनिधियों ने इस योजना को अवैध कमाई का जरिया बना लिया था। चाहे सोलर लाइट (Bihar Solar Light Scheme की खरीदारी हो या इसे इंस्टॉलेशन करने का काम तमाम चीजों में भ्रष्टाचार की शिकायतें आम बात हो गई थी। इसी को देखते हुए सरकार ने इस योजना में बड़ी तब्दीली की है।
सरकार ने पंचायती प्रतिनिधियों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग मंत्री सम्राट चौधरी ने सचिवालय में अपने विभाग की मंगलवार को समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान सम्राट चौधरी जी ने योजना को समय पर चालू करने का निर्देश दिया। अब तक की प्रगति की समीक्षा की। मंत्री को बैठक में पंचायती राज विभाग के अमित चौधरी और ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव संजीव हंस ने सोलर लाइट योजना के सभी तैयारियों से रूबरू कराया।
प्रधान सचिव ने बताया कि बिहार के गांव में नीतीश सरकार के सात निश्चय योजना पार्ट-टू स्वच्छ गांव-समृद्ध गांव निश्चय के तहत सोलर स्ट्रीट लाइट लगाया जाएगा। ऊर्जा विभाग को ही इसके मेंटेनेंस, इंस्टॉलेशन और सुपरविजन की जिम्मेदारी होगी। अधिकारी बताते हैं कि रिमोट सिस्टम इसकी ऑनलाइन निगरानी के लिए लगाया जाएगा। समीक्षा बैठक में पंचायती राज विभाग के निदेशक डा. रणजीत कुमार सिंह व ब्रेडा के निदेशक महेंद्र कुमार उपस्थित थे।
बताते चलें कि सोलर लाइट योजना में पहले की तुलना में मुखिया का दखल कम हुआ है। मुखिया का काम भले ही निगरानी करने का हो लेकिन अब उनकी मनमानी नहीं के बराबर चलती है। चुनिंदा एजेंसियों से ही सोलर लाइट खरीदा जाना है। इसके लिए स्थल चयन की व्यवस्था को पहले से अधिक दुरस्त किया गया है।