बिहार को 20 साल बाद मिला कृष्ण सेतु, सीएम नीतीश और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया लोकार्पण

बिहार (Bihar) में लगातार हो रहे ढांचागत निर्माण के चलते न सिर्फ राज्य की तस्वीर बदल रही है, बल्कि साथ ही रोजगार के नए-नए आयाम भी खुल रहे हैं। वह इस कड़ी में 20 साल के लंबे इंतजार के बाद अब बिहार के मुंगेर वासियों को श्रीकृष्ण सेतु (Shri Krishna Setu) के रूप में डबल डेकर पुल की सौगात मिल गई है। सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) और केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी (Nitin Gadkari) ने जिले के लाल दरवाजा से मुंगेर खगड़िया रेल-सह-सड़क पुल (Munger-khagadiya)  का लोकार्पण करते हुए क्षेत्रवासियों को यह सौगात दी है। इस दौरान मौके पर बिहार के दोनों डिप्टी सीएम सहित मुंगेर सांसद ललन सिंह भी मौके पर मौजूद रहे।

Shri Krishna Setu

20 साल बाद मिली श्रीकृष्ण सेतू की सौगात

बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रिमोट द्वारा रेल सह सड़क पुल श्री कृष्ण सेतु का लोकार्पण करते हुए शीलापट का पर्दा हटाया। 20 साल के लंबे इंतजार के बाद आए इस लम्हे को साक्षात देखने के लिए भारी तादाद में लोगों की भीड़ वहां इकट्ठा हुई।

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इस दौरान लाल दरवाजा टीका रामपुरा के पास बने समारोह स्थल में 2000 से ज्यादा लोगों के बैठने की व्यवस्था भी की गई थी। समारोह एवं पुल को देखने के लिए लोग काफी दूर-दूर से वहां पहुंचे। बता दें इस पुल का निर्माण होने से अब लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी। दरअसल पहले जहां मुंगेर से खगड़िया और खगड़िया से मुंगेर आने के लिए लोगों को नाम से 1 घंटे का सफर तय करना पड़ता था, वह अब इस सड़क पुल के चालू हो जाने से महज 12 से 15 मिनट में लोग तय कर सकेंगे।

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बता दे इस पुल को बनाने का सपना 20 साल पहले साल 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने देखा था। उन्होंने इसका शिलान्यास दिल्ली से रिमोट के जरिए किया था। वही अटल बिहारी वाजपेई का यह सपना आज 20 साल बाद पूरा हो गया है। 696 करोड़ की लागत से बना श्री कृष्ण सेतु पुल कुल 14.51 किलोमीटर लंबा है। इसके ऊपर मोटर गाड़ी तो वही नीचे रेलवे ट्रैक पर ट्रेन दौड़ेगी। बता दें इस पुल का नाम बिहार के पूर्व सीएम श्री कृष्ण बाबू के नाम पर रखा गया है।

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