त्‍योहारी मौसम आते ही पटना के लोगों पर पड़ी महंगाई की मार, सरसों तेल और चावल भी हुआ महंगा,

Written by: Manish Kumar | biharivoice.com • 31 जनवरी 2024, 9:35 अपराह्न

त्योहारों का मौसम आते ही महंगाई की मार एक बार फिर से लोगों के जेब पर पड़ने वाली है। रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल की कीमतें तो पहले ही आसमान छू रही हैं, अब सरसों तेल और चावल कीमत में भी इजाफा हो गया है। पटना के मार्किट में चावल के मूल्य मे चार से पांच रुपये प्रति किलो की दर से वृद्धि हुई है। जबकि सरसों तेल का न्यूनतम मूल्य भी पांच रुपये प्रति लीटर की दर से बढ़ गया है। सरसों तेल का न्यूनतम भाव जो पहले 185 रूपए प्रति लीटर की दर से बिक रहा था, अब 190 रुपये प्रति लीटर हो चुका है। हालांकि अधिकतम भाव 210 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है।

सरसों तेल की कीमत में नरमी की गुंजाइश नहीं

बिहार खुदरा विक्रेता महासंघ के महासचिव रमेश तलरेजा कहते हैं कि सरसों की नई पैदावार आने में अभी देरी है। इसलिए सरसों तेल की कीमत में कमी आने की अभी कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन की नई पैदावार बाजार में आ चुकी है। इसलिए सोया रिफाइंड का भाव स्थिर है। इसका भाव 155 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। त्योहारों पर सोया रिफाइंड की खपत बढ़ेगी लेकिन इसकी कीमत मे तेजी आने की सम्भावना नहीं है। तलरेजा ने यह भी कहा कि सरसों तेल के साथ ही चावल की कीमत में भी इजाफा हुआ है।

त्‍योहारी मांग की वजह से और बढ़ सकती है कीमत

सामान्य श्रेणी का चावल जिसकी कीमत पहले 26 रुपये प्रति किलो थी, का मूल्य बढ़कर 30 रुपये प्रति किलो हो चुका है। इसी तरह से 36 रुपये किलो वाला चावल का मूल्य बढकर अब 40 रुपये प्रति किलो हो चुका है। सम्भावना है कि त्योहरी मांग की वजह से कुछ और जिंसों की कीमत भी बढ़ सकती है। इसमें मसाला और दाल शामिल हैं। मालूम हो कि सब्जियों के मूल्य पहले से ही तल्ख चल रहे हैं। 20 से 30 रुपये किलो बिकने वाली सब्जियां 40 से 70 रुपये प्रति किलो बिक रही हैं।

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Manish Kumar

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