बीते दिनों बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के डीटीओ पर आय से ज्यादा सम्पत्ति रखने के मामले में निगरानी की करवाई के बाद अब परिवहन विभाग ने पूर्णिया, गया, किशनगंज, रोहतास, मुंगेर, शेखपुरा समेत कई जिला परिवहन पदाधिकारियों का तबादला करने का एक अहम फैसला लिया है। आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले जब मुजफ्फरपुर के डीटीओ के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद निगरानी ने छापेमारी की तो धनकुबेर डीटीओ के पास अकूत दौलत होने का पता चला था जिसके बाद अब परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए कई जिलों के डीटीओ के ट्रांसफर और दर्जन डीटीओ को अतिरिक्त प्रभार देने का फैसला लिया है।
इन जिलों के डीटीओ को बदला गया
परिवहन विभाग के इस बड़े फैसले के बाद विकास कुमार को पूर्णिया से गया, जनार्दन कुमार को गया से सारण और शशि शेखरम् को शेखपुरा से सहरसा डीटीओ के पद पर स्थानांतरित किया गया है। वही रविंद्रनाथ गुप्ता को किशनगंज की जगह सितामढ़ी भेज शिवहर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा मो. जियाउल्लाह को रोहतास से लखीसराय भेजते हुए मुंगेर का अतिरिक्त प्रभार, रामाशंकर को मुंगेर से पूर्णिया भेजते हुए किशनगंज का अतिरिक्त प्रभार, मधुबनी के डीटीओ सुशील कुमार को सुपौल का अतिरिक्त प्रभार, औरंगाबाद के डीटीओ अनिल कुमार सिन्हा को रोहतास का अतिरिक्त प्रभार और नालंदा के डीटीओ मनोज कुमार को शेखपुरा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में निगरानी के नजर में मुजफ्फरपुर के डीटीओ रजनीश लाल के पास मुजफ्फरपुर के साथ साथ छपरा का भी प्रभार है . लोग उनके खिलाफ हो रही कारवाई को बालू माफिया से गठजोड़ और दलालों के माध्यम से उगाही प्रकरण से जोड़ रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले कुछ समय से सारण में लगातार बालू के अवैध खनन और लोडिंग को लेकर परिवहन विभाग एवं खनन विभाग लोगों के निशाने पर रहा है। इतना ही नही बालू खनन का ठिका सरेंडर किये जाने के बाद भी जिले में लगातार बालू की ढुलाई और खनन का काम परिवहन विभाग की मदद से चला आ रहा था। जिसके बाद अब निगरानी उनकी संपत्ति के बारे में भी जानकारी प्राप्त करने में लगी हुई है।















