सात बच्चियों के पास न है रहने का घर, ना ही खाने का खाना, वृद्ध दादा दादी है बस पालनहार

Written by: Satish Rana | biharivoice.com • 14 फरवरी 2021, 6:08 अपराह्न

डेहरी प्रखंड के भुइयाटोला से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां 7 बच्चियों के सर से मां बाप का साया उठ जाने के बाद उनके पास ना तो रहने को घर है ना ही खाने को अनाज। अब यह बच्चियां जीवन के अंतिम पड़ाव पर पहुंचे अपने दादा-दादी के साथ रह रही है। पिता के नाम से जारी राशन कार्ड पर मिलने वाला अनाज भी बंद हो गया। वहीं इंदिरा आवास भी रद्द हो गया अब उन्हें एक डर यह भी है कि इनकी दादा-दादी भी अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर है। इनके बाद इनका पालनहार कौन बनेगा। अब इस मामले में बाल कल्याण समिति ने संज्ञान लेकर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा है।

आपको बता दें कि सामाजिक कार्यकर्ता और बाल अधिकार संरक्षण पर कार्य करने वाले संतोष उपाध्याय ने बताया कि भुइयाटोला के रहने वाले मनोज राम और उनकी पत्नी की मौत 2019 में बीमारी के कारण हो गई थी। मनोज राम की मौत 23 जुलाई 2019 और उनकी पत्नी प्रमिला की मौत 29 अगस्त 2019 को हुई थी। उनकी बड़ी बेटी रूबी कुमारी उम्र 16 साल, Rinki उम्र 14 साल, मालती उम्र 10 साल, जुड़वा बहन पूनम और चिंता उम्र 6 साल, खुशी कुमारी उम्र 5 साल और सोनी कुमारी उम्र 4 साल की है। इसमें दो बच्चियों को आंगनबाड़ी से तथा एक को विद्यालय से अनाज मिलता है।

सामाजिक कार्यकर्ता और बाल अधिकार संरक्षण पर काम करने वाले संतोष उपाध्याय ने बताया कि इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों और बाल कल्याण समिति से की थी। जिसके बाद सीडब्ल्यूसी ने इस मामले में संज्ञान लिया और इन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा है। अनुसूचित जाति के इस टोले में तीन बच्चियों की देखभाल करने वाले सिर्फ उनके दादा और दादी ही बचे हैं। उन्होंने बताया कि यह सभी बच्चे झोपड़ी में रहते हैं जिनकी देखभाल फिलहाल उनके दादा प्रसाद भुइया और दादी रामकली कर रही है। इस परिवार को किसी तरह की सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।

इंदिरा आवास का आवंटन भी रद्द

7 बच्चियों के पिता मृतक मनोज राम के नाम पर इंदिरा आवास का आवंटन भी रद्द हो गया है। इसमें सरकारी अधिकारी तकनीकी परेशानियों का हवाला दे रहे हैं। इसमें सिर्फ एक बच्ची जो कि स्कूल में तीसरी क्लास की छात्रा है। उसे स्कूल की तरफ से केवल राशन का आवंटन हो रहा है। इन सभी के पास खाने का पूरा इंतजाम नहीं है। पंचायत प्रतिनिधि और कर्मी तथा वीडियो की लापरवाही भी सामने आई है। बाल कल्याण समिति के समक्ष रिपोर्ट आने के बाद बच्चों को न्याय दिलाने के लिए प्रयत्न करेंगे। हालांकि बाल कल्याण समिति ने इस मामले में संज्ञान लेकर इन सभी को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा है।

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