लेडी सिंघम कही जाने वाली एसपी लिपि सिंह का नाम फेम इंडिया की सर्वश्रेष्ठ एसपी की सूची मे शामिल किया गया है, लेकिन अब यह विवादस्पद होने लगा है। एसपी लिपि सिंह मुंगेर की पूर्व एसपी रह चुकी हैं। जब मुंगेर मे पिछले साल दुर्गा पूजा के मूर्ति विसर्जन मे गोली काण्ड हुआ था तो लिपि सिंह ही वहाँ की एसपी थी और उनके खिलाफ मुंगेर के लोग ने प्रदर्शन भी किया था। अब जब उन्हें फेम इंडिया की सर्वश्रेष्ठ एसपी की सूची मे जगह दी गई है तो इसपर सियासत एक बार फिर से गरमा गई है। कई सारे नेता इस पर आपत्ति जता रहे हैं और उन्हें इस सूची से बाहर कराने की मांग कर रहे हैं।
श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केसरी ने सूची मे लिपि सिंह का नाम शामिल कराने की निन्दा करते हुए कहा है कि पिछले वर्ष मुंगेर मे प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई घटना के बाद मुंगेर की तत्कालीन एसपी लिपि सिंह का तबादला कर दिया गया था, इसके बावजूद उन्हें इस सूची मे जगह मिलना समझ से परे है।
प्रदेश महासचिव राजीव शर्मा, वरीय नेता अजय प्रसाद सिंह, दयानंद यादव, मुकेश जायसवाल, मु. तनवीर अख्तर, आजाद शर्मा, रतन सिन्हा, निरंजन गुप्ता, अजय सिन्हा, शंकर यादव, महिला नेत्री सोनी सिन्हा, वीणा देवी, रुक्मिणी देवी व पप्पू मंडल ने सर्वश्रेष्ठ एसपी की सूची मे लिपि सिंह को शामिल किये जाने को लेकर विरोध जताया है।
पिता जेडीयू राष्ट्रीय अध्यक्ष
वर्तमान मे लिपि सिंह सहरसा की एसपी के के पद पर कार्यरत हैं। वे 2016 बैच की आईपीएस पदाधिकारी हैं, वे मूल रूप से बिहार की ही रहने वाली है, उनके पति सुहर्ष भगत बांका के जिलाधिकारी हैं। लिपि सिंह के पिता आरसीपी सिंह जदयू के राज्यसभा सदस्य हैं।
पिछले साल मुंगेर मे प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई गोली काण्ड के बाद एसपी लिपि सिंह के कार्यशैली पर सवाल उठाए गए थे। पुलिस के साथ हुई हिंसक झड़प मे एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी, जानकारी के मुताबिक इस झड़प मे कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। लाठीचार्ज से लेकर फायरिंग तक हुई घटना ने काफी तूल पकड़ लिया था और एसपी लिपि सिंह पर सवाल उठे थे। इसके कुछ दिनों बाद उनका ट्रांसफर कर दिया गया था। इस मामले को लेकर तब सियासत भी बहुत गरमा गई थी।















