केंद्र और राज्य सरकार (Government) के गठजोड़ से बिहार लगातार विकास की ओर अग्रसर है। इस कड़ी में केंद्रीय बजट पेश होने के उपरांत अब अररिया-गलगलिया रेल परियोजना (Araria-galgalia Rail Project) पर चल रहे काम में और भी तेजी आ गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि जिले में 9 स्टेशन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। वहीं इस मामले पर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे कटिहार के अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक जिले में 40.7 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बनने जा रही है।
बिहार को मिलेंगे 9 नए रेलवे स्टेशन
रेलवे अधिकारी द्वारा साझा जानकारी के मुताबिक रेल खंड पर अररिया कोर्ट, अररिया आरएस, रहमतपुर, बांसबाड़ी, खवासपुर, बरदाहा, टेढ़ा गाछी, कलियागंज, लक्ष्मीपुर और बरदाहा में स्टेशन बनाए जाएंगे। वही इन सब रूटों के खुल जाने के बाद बिहार से बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों का सफर सस्ता, सुगम और आसान हो जाएगा।
इन नए रेलवे स्टेशंस को लेकर साझा जानकारी के मुताबिक अररिया-गलगलिया रेलवे लाइन के जरिए सिलीगुड़ी के रास्ते से पूर्वोत्तर राज्य जाने का नया रास्ता खुल जाएगा, जो कि सस्ता और सुगम होगा। बता दें इस रेल लाइन पर ट्रेन चलने के बाद सीमांचल और कोसी के लोग कुछ ही घंटों में बंगाल का सफर तय कर सकेंगे। साथ ही किशनगंज, अररिया और पूर्णिया की दूरी भी इन रूट के जरिए काफी कम हो जाएगी।
जल्द बिछाई जायेंगी रेलवे लाइन
खास बात यह है कि इन जिलों के बॉर्डर से बंगाल एकदम सटा हुआ है। ऐसे में इन रेल रूटों को लेकर उम्मीद जताई जा रही है कि इसी साल 2022 में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और लोग इसका लुत्फ उठा सकेंगे। बता दे इस रेल खंड पर कुल 9 स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिसमें अररिया में 47.7 किलोमीटर की रेलवे लाइन बिछाई जाएगी।
इसके अलावा खवासपुर से लक्ष्मीपुर और बैजनाथपुर के बीच भुगतान राशि न मिलने के कारण काम फिलहाल रुका हुआ है, लेकिन रेलवे लाइन पर अररिया कोर्ट, अररिया आरएस, रहमतपुर, खवासपुर, बरदाहा, कलियागंज, बांसबाड़ी और टेढ़ा गाछी में स्टेशन बनाने का प्रस्ताव दिया गया है, जिसके लंबित भुगतान के लिए संबंधित प्रखंडों के शिविर लगाकर इस कार्य को निपटाने की तैयारी चल रही है।
इसके साथ ही बिहार से सटे इंडो नेपाल सीमा सड़क के पास अररिया गलगलिया रेल लाइन परियोजना, एनएच 327 अब आरओबी का निर्माण कार्य जारी है, जिसे लेकर रेल अधिकारियों और जिला प्रशासन हर जुगत बिठा रहा है। साथ ही NH-1 का चौड़ीकरण भी इसी के तहत किया जायेगा। बता दे इस नये बाईपास को फारबिसगंज से भी जोड़ा जायेगा।