आज भी देश दुनिया में कई लोग ऐसे हैं जो बेटियों को गर्भ में ही मार देते हैं, लेकिन ऐसे लोगों के लिए मधुबनी के एक डॉक्टर दंपत्ति ने बदलते समाज की तस्वीर पेश कर मिसाल दी है। दरअसल बिहार (Bihar) के मधुबनी (Madhubani) जिले में रहने वाले एक डॉक्टर दंपत्ति ने अपनी बेटी के 10वें जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए उसे तोहफे में चांद पर जमीन (Doctor Parents gifted land on the moon) खरीद कर दी है। उनका कहना है कि उनकी बेटी के जन्म का दिन उनके पूरे खानदान के लिए यादगार है, क्योंकि उनकी बेटी आस्था भारद्वाज (Astha Bhardwaj) उनके खानदान की पहली बेटी है।
बेटी को तोहफे में दी चांद पर जमीन
यह परिवार मधुबनी के झंझारपुर केआरएस बाजार इलाके में रहता है, इनका नाम है डॉक्टर सुरविन्दु झा और डॉक्टर सुधा झा… इन्होंने अपनी बेटी आस्था भारद्वाज के जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए चांद पर एक एकड़ जमीन रजिस्टर करवाई है। बता दें डॉ सुरविन्दु झा झंझारपुर में एक निजी नर्सिंग होम चलाते हैं और आस्था उनके खानदान की पहली बेटी है। 7 पीढ़ियों बाद उनके घर में आस्था का जन्म हुआ है।
अपनी बेटी को लेकर डॉ सुरविन्दु झा ने कहा कि बेटियां किसी भी खानदान का मान और सम्मान होती है, लेकिन उनके खानदान में करीब 7 पीढ़ियों से बेटी के नाम की किलकारी नहीं गूंजी थी। ऐसे में जब उनके परिवार में आस्था का जन्म हुआ तो उनके पूरे खानदान में खुशी की लहर दौड़ गई। इसलिए वह अपनी इस खुशी को खास बनाने के लिए अपनी बेटी को चांद पर जमीन खरीद कर गिफ्ट कर रहे हैं।
बकौल डॉ सुरविन्दु झा बेटी के लिए चांद पर जमीन खरीदने की सारी प्रकिया में करीबन डेढ़ साल का वक्त लगा। बता दें इसके लिए उन्होंने सबसे पहले अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थिति लूना सोसाइटी की वेबसाइट पर इसके लिए आवेदन किया था। तमाम प्रक्रियाओं से गुजरते हुए उन्होंने कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है और जमीन की कीमत व रजिस्ट्री शुल्क की राशि पर पेपाल ऐप से भुगतान करने के बाद 27 जनवरी 2022 को स्पीड पोस्ट से उन्हें चांद की जमीन रजिस्ट्री कराने के पेपर मिले, जिसे उन्होंने अपनी बेटी को तोहफे में दिया है।