Bihar Weather Update: देश के तमाम हिस्सों में सर्दी के खत्म होने के साथ अब गर्मी का सीजन शुरू हो गया है, लेकिन इस बीच कई जगहों पर मौसम ने अचानक करवट ले ली है। इस लिस्ट में बिहार का नाम भी शामिल है। मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए बिहार के कई जिलों में मेघ गर्जन, वर्षापात और ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के ओर से कई जिलों में ओलावृष्टि और बिजली गर्जन के संकेत दिए गए हैं। साथ ही मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने 17 से लेकर 19 मार्च के लिए अलर्ट जारी किया है और लोगों से पहले ही सचेत रहने की अपील की है।
बिहार में बिगड़ा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग की ओर से बिहार के बिगड़े मौसम को लेकर जताए गए पूर्वानुमान में कहा गया है कि 19 मार्च तक बिहार के कई जिलों को आंधी, ठनका और ओलावृष्टि की मार झेलनी पड़ सकती है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए 21 मार्च तक इसके बढ़ने की संभावना भी जताई है। विभाग का कहना है कि बांग्लादेश के पास चक्रवर्ती परसंचरण का क्षेत्र बनना इसकी वजह बन सकता है।
बिहार के इन जिलों पर मंडराया मौसम का खतरा
मौसम विभाग द्वारा साझा जानकारी के मुताबिक बिहार के 7 जिलों पर मौसम के बिगड़े मिजाज का खतरा मंडरा रहा है। इस लिस्ट में खासतौर पर रोहतास, औरंगाबाद, भभुआ, बांका, जमुई, गया और नवादा का नाम शामिल है। इन जिलों को लेकर विभाग की ओर से खास तौर पर अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही राजधानी पटना और उसके आसपास के जिलों जैसे सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, पूर्णिया के साथ-साथ और भी कई जिलों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है।
गौरतलब है कि चक्रवर्ती संचरण का क्षेत्र बांग्लादेश और उसके आसपास के इलाकों में समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर बना हुआ है। ऐसे में चक्रवर्ती परिसंचरण से गंगेय पश्चिम बंगाल और ओडिशा से होते हुए एक तरफ तटीय आंध्र प्रदेश से समुद्र तल के 0.9 किलोमीटर ऊपर आ गया है, जिसका प्रभाव अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के उत्तरी भाग के 2 स्थानों पर मध्यम स्तर में बारिश के साथ भी नजर आ सकता है।
इसके साथ ही प्रदेश के उत्तरी पूर्वी भाग के दो स्थानों पर मेघ गर्जन, ठनका यानी बिजली चमकने की संभावनाओं के साथ-साथ तेज हवा को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर इन सभी हालातों के साथ-साथ ओलावृष्टि को लेकर भी संभावना जताई गई है। मौसम के इस बिगड़े मिजाज से सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को झेलनी पड़ सकती है।















